Home महाराष्ट्र मुंबई : दुर्घटनाओं को रोकन लोकल ट्रेनों में लगाए जाएं स्वचलित दरवाजें

मुंबई : दुर्घटनाओं को रोकन लोकल ट्रेनों में लगाए जाएं स्वचलित दरवाजें

43
0
SHARE
मुंबई (तेज समाचार डेस्क). महात्मा गांधी विचार मंच के अध्यक्ष मनमोहन गुप्ता ने कहा है कि मुंबई की धड़कन कही जाने वाली मुंबई की लोकल ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे न होने से प्रत्येक दिन लगभग 100 परिवार उजड़ रहे हैं. इन ट्रेन हादसों में कई लोग विकलांग हो जाते है या जान गंवा बैठते हैं. इस तरह से माह में 3000 एवं साल भर में लगभग 40 हजार यात्री ट्रेन हादसों के शिकार हो रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में परिवार उजड़ रहे हैं. लेकिन रेलवे अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं  रेंग रही है. गुप्ता बोरीवली पश्चिम स्थित मनपा विद्यालय हाल में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. गुप्ता ने कहा कि रेल हादसों की तरफ न तो रेलवे अधिकारियों का और न ही किसी राजनैतिक दल का ध्यान जा रहा है. क्या यही सुरक्षित ट्रेन प्रवास है. क्या इसी तरह से सरकार खुली बुलट ट्रेन चलाएगी, जिसका 6 वर्ष से ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन अभी तक इसका भूमि अधिग्रहण तक नहीं हो सका है.
गुप्ता ने कहा कि पहले सरकार पारंपरिक गाड़ियों की यात्रा सुरक्षित करे, इनमें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए. हादसों को टालने के प्रयत्न करें, इसके बाद बुलट या अन्य हवा से बात करने वाली ट्रेनों के परिचालन के बारे में विचार करे. गुप्ता ने कहा कि पिंपलगांव में पिछले दिनों हुए ट्रेन हादसे में 40 जवान शहीद हो गए. इस घटना से पूरा देश हिल गया. पूरे देश में कोहराम मच गया. सरकार से लेकर प्रशासन हरकत में आ गया, लेकिन मुंबई में रोज दर्जनों लोग ट्रेन हादसे के शिकार होते हैं, फिर भी रेलवे को कोई फर्क नहीं पड़ता. क्या मुंबईवासी निराधार हैं. इनका कोई रहनुमा नहीं है. इन्हें ऐसे ही मरने के लिये छोड़ दिया गया है.
गुप्ता ने कहा कि लंबे समय से गांधी विचार मंच मुंबई की लोकल गाड़ियों में स्वचालित दरवाजे की मांग करते आ रहा है. इस मांग को लेकर कई बार रेलवे मंत्री से लेकर आला अधिकारियों को मांगों का ज्ञापन दिया गया, उनके साथ बैठक हुई लेकिन अभी तक संतोषजनक कोई परिणाम नहीं आया. हालांकि कुछ ट्रेनों में प्रयोग के रूप में शुरुवात की गई है. गुप्ता ने इन हादसों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here