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मुंबई : युद्धस्तर पर चल रहा मंकीहील-नागनाथ टनल के बीच रेलमार्ग का काम

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– बारिश के कारण पटरी के नीचे से सरक गई थी जमीन
– 15 जनवरी तक काम पूरा होने की संभावना
पुणे (तेज समाचार डेस्क). बारिश के दिनों में पटरी के नीचे की जमीन खिसक जाने के कारण पिछले डेढ़ महीने से मुंबई-पुणे के बीच अप लाइन पर मंकीहील और नागनाथ टनल के बीच रेल मार्ग के पुननिर्माण का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. मध्य रेलवे प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि आगामी 15 जनवरी तक यह कार्य पूरा हो जाएगा और इस मार्ग से बंद की गई ट्रेनों को पुन: सुचारू किया जाएगा.
– बाल-बाल बची हैदराबाद एक्सप्रेस
ज्ञात हो कि इस वर्ष बारिश ने चारों ओर कहर बरपाया था. 1 अक्टूबर और 2 अक्टूबर की दरम्यानी रात को इस मूसलाधार बारिश से मुंबई-पुणे रेल मार्ग के बीच लोनावला के पास मंकीहील और नागनाथ इन दो टनल के बीच पटरी के नीचे की जमीन खिसक जाने के कारण यहां का रेलमार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था. समय रहते पटरियों पर गश्त करनेवाले कर्मचारियों ने इस घटना को देखा. कुछ ही देर के बाद वहां से हैदराबाद एक्सप्रेस गुजरनेवाली थी. गश्त कर्मचारियों की सूचना पर हैदराबाद एक्सप्रेस को तुरंत ही लोनावला की ओर लौटाया गया, तथा डाऊन ट्रैक से रवाना किया गया. विशेष बात यह रही कि यदि गश्त लगानेवाले कर्मचारियों से जरा सी भी चूक हो जाती, तो यहां से गुजरनेवाली हैदराबाद एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो कर गहरी खाई में गिर सकती थी और सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी.
– पत्रकारों ने किया घटनास्थल का दौरा
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से तुरंत ही यहां रेल मार्ग ने पुर्ननिर्माण का शुरू कर दिया गया. मध्य रेलवे प्रशासन की ओर से मुंबई तथा पुणे के मीडिया कर्मियों के लिए घटनास्थल पर चल रहे पुर्ननिर्माण कार्य का अवलोकन करने के लिए दौरे का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर मध्य मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) आशुतोष गुप्ता, मध्यरेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी ए.के. जैन, सी. चंद्रशेखर, ए.के. सिंह, सीनियर डिविजनल इंजीनियर आर. के. यादव सहित पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज झंवर भी उपस्थित थे.
– एक और पहाड़-दूसरी ओर खाई
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने घटनास्थल पर मौजूद मीडिया कर्मियों को बताया कि मंकीहील और नागनाथ टनल के बीच भौगोलिक स्थिति काफी खतरनाक है. इन दोनों टनल के बीच से गुजरनेवाले रेल मार्ग के एक और पहाड़ है और दूसरी ओर गहरी खाई है. यहां पर कोई भी वैकल्पिक सड़क मार्ग नहीं है, जिससे यहां कोई मदद पहुंच सके. इस भौगोलिक स्थिति के कारण यहां काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं.
– 3 अक्टूबर से पूरी तरह बंद कर दिया था रेलमार्ग
सुतार ने बताया कि 3 अक्टूबर को हमने यह रेल मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया था. लेकिन इस डैमेज को ठीक करने के हमारे पास दो विकल्प थे. एक तो हम तत्काल मरम्मत करके रेलवे को सुचारू करे, लेकिन इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी. इस कारण हमने इसका स्थाई निराकरण करने का निर्णय लिया. दोनों टनल के बीच के आधे रेलमार्ग पर बने हुए पुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, जबकि शेष रेल मार्ग के नीचे की जमीन धस जाने के कारण इस क्षतिग्रस्त मार्ग को हम पुन: पूरी मजबूती के साथ बना रहे हैं. सुतार ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से युद्धस्तर पर दिन-रात काम किया जा रहा है. इस काम के लिए करीब 80 टन स्टील सामग्री, 350 ट्रक पत्थर, करीब 100 ट्रक सीमेंट की सहायता से गर्डर, सुरक्षा दीवार यहां बनाई जा रही है. इस कार्य के लिए करीब 10 करोड़ का खर्च होने का अनुमान है.
– एक शिफ्ट में काम करते हैं 40 से ज्यादा मजदूर
यहां एक शिफ्ट में 40 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे हैं यानी 150 से अधिक मजदूर यहां दिन-रात काम कर रहे हैं. इन मजदूरों की मेहनत के कारण ही अबतक करीब 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है. शिवाजी सुतार ने बताया कि हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या यह लोकेशन है, जहां हमारे पास मटेरियल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. हमारे मजदूर टनल में ही रहते हैं. हम लोग सर्विस ट्रेन से सामान तो लाते है, लेकिन टनल में ट्रेन होने के बाद टनल में काफी कम जगह शेष होती है, जिसमें एक आदमी बमुश्किल चल पाता है. ऐसी विकट स्थिति में हम लोग दिन-रात काम कर रहे हैं. इतनी संकरी जगह से हमारे मजदूर यहां इस्तेमाल होनेवाला सामान ढोते हुए कार्यस्थल तक लाते हैं. यहां मजदूरों के साथ ही हमारे इंजीनियर और अन्य अधिकारी भी पूरी तरह से मुश्तैद रहते थे.
– पुणे से चलाई जा रही 5 ट्रेनें
सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने बताया कि डाऊन ट्रैक पर नियमित गाड़ियों का लोड न हो इसके लिए हमने पनवेल-पुणे पैसेन्जर और सीएसएमटी-बीजापुर ट्रेन को पूरी तरह से रद्द कर रखा है. लेकिन हैदराबाद एक्सप्रेस, हुबली एक्सप्रेस, कोयना एक्सप्रेस, विशाखापट्टनम एक्सप्रेस और नांदेड एक्सप्रेस को हम यात्रियों की सुविधा से पुणे तक ही चला रहे हैं और यहीं से ये पांचों ट्रेने उनके गंतव्य के लिए रवाना की जा रही हैं. सुतार ने बताया कि इसके अलावा 11 नवंबर से हमने रद्द की गई प्रगति एक्सप्रेस को भी बहाल किया है. इसके अलावा कार्तिकी एकादशी के मौके पर हमने रद्द की गई बीजापुर एक्सप्रेस को तीन दिन के लिए चलाया था. सुतार ने आगे बताया कि अगले महीने क्रिसमस के मद्देनजर पनवेल से नांदेड के बीच चलनेवाली विशेष ट्रेन को प्रत्येक रविवार को चलाने का निर्णय भी रेलवे प्रशासन ने लिया है. इस ट्रेन की हम चार फेरियां चलाएंगे.
– मिडिल लाइन से चलाई जा रहे गाड़ियां
सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने बताया कि रेलवे प्रशासन इस काम में युद्धस्तर पर जुटा हुआ है. हमें यात्रियों का पूरा सहयोग मिल रहा है और हम भी उनको होनेवाली परेशानी को देखते हुए आगामी 15 जनवरी तक इस कार्य को पूरा करने का प्रयास करेंगे. अप ट्रैक पर काम चलने के कारण मंकीहील से मिडिल लाइन से ट्रेनों की आवाजाही चल रही है.