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मध्य रेल ने बिना टिकट यात्रा से वसूले 22 करोड़

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            मध्य रेल ने बिना टिकट यात्रा से वसूले 22 करोड़

मुंबई  (तेज़ समाचार ब्यूरो)-  मध्य रेल ने अक्टूबर – 2019 के दौरान टिकट चेकिंग में 70.32 % की आय दर्ज कीध्‍य रेल द्वारा बिना टिकट तथा अनियमित यात्रियों के विरूध्‍द सघन अभियान चलाया गया है. इस प्रकार के अभियान रेल यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने तथा बिना टिकट यात्रा पर लगाम लगाने के लिए चलाए जाते हैं. इसके लिए मध्‍य रेल द्वारा नियमित रूपसे अभिनव कदम उठाए जाते हैं . वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा बिना टिकट यात्रा से होने वाले राजस्‍व हानि‍ तथा अन्‍य अनियमिताओं की गहन निगरानी की जाती है.

मध्य रेल ने अक्टूबर – 2018 में 13.42 करोड़ रुपये की तुलना में अक्टूबर -2019 के माह के  दौरान, 22.87 करोड़ रुपये अर्जित किए है, जिसमें 70.32% की वृद्धि दर्ज की गई है. अक्टूबर -2019 माह के दौरान, बिना टिकट/अनियमित यात्रा के 4.25 लाख मामलें दर्ज हुए है , जबकि अक्टूबर -2018 में 2.80 लाख मामले दर्ज हुए, इस अवधि के दौरान इस प्रकार के मामलों में 51.84% की वृद्धि दर्ज की गई है .

अप्रैल से अक्टूबर 2019 की अवधि के दौरान बिना टिकट / अनियमित यात्रा और अन-बुक किए गए  सामान के कुल 24.04 लाख मामलें दर्ज हुए है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 20.81 लाख मामलों की तुलना में 15.54% की वृद्धि हुई . अप्रैल से अक्टूबर 2019 की अवधि में इस तरह की बिना टिकट/अनियमित यात्रा से अर्जित आय  Rs. 126.67 करोड़ दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान दर्ज मामलों मामलों में 103.77 करोड़ की आय की तुलना में 22.07% की वृद्धि दर्ज की गई है .

अक्टूबर 2019 के माह के दौरान आरक्षित यात्रा टिकटों के हस्तांतरण के 695 मामलें दर्ज किए गए और 5.60 लाख रुपये जुर्माना के रूप में वसूल किए गए.

दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीजन के दौरान आयोजित विशेष टिकट चेकिंग ड्राइव ने अनियमित यात्रा पर लगाम लगाने में मदद की है और ऐसे मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जुर्माना के रूप में राजस्व प्राप्त किया गया है.

विगत दिनांक 21.10.2019 से 01.11.2019 की अवधि के दौरान 13.94 करोड़ रुपये की आय दर्ज की जो पिछले वर्ष के 1.11.2018 से 12.11.2018 अवधि की तुलना में 11.68 करोड़ रुपये थी और इसमें 19.37% की वृद्धि दर्ज की गई है. 2018 में 1,99,812 मामलों की तुलना में 2019 में 2,40,754 मामले दर्ज हुए, जिसमें 20.49% की वृद्धि हुई है.

मध्य रेल की यात्रियों से अपील है कि वे इस असुविधा से बचने और सम्मान के साथ यात्रा करने के लिए उचित और वैध रेल टिकट के साथ यात्रा करें.