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ज़िले में ट्रैफिक पुलिस से बेखौफ अवैध सवारी वाहन यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां

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Dhule Traffic

ज़िले में  ट्रैफिक पुलिस से बेखौफ अवैध सवारी वाहन यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां

धुलिया (वाहिद काकर ): साक्री पिंपलनेर दोडाईचा सोनगीर सहित ज़िले में  ट्रैफिक पुलिस से बेखौफ अवैध सवारी वाहन यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते हैं। क्षमता से अधिक सवारियां बिठाने व तेज गति से वाहन दौड़ाने वाले इन चालकों को न तो हादसों का अंदेशा है और न ही यातायात नियमों का डर। धुलिया ज़िले में अधिकांश  इस तरह के दृश्य शहर के मुख्य बाजारों में भी जगह-जगह इन वाहनों का जमावड़ा देखा जा सकता है। इन पर पुलिस अधीक्षक श्री विश्वास पांढरे से नकेल डालने की गुहार स्थानिक नागरिकों ने लगाई है और अवैध वसूली करने वाले कर्मियों को लाइन अटैच करने की मांग समाजवादी पार्टी अध्यक्ष आसिफ मंसुरी ने नवभारत से बात करते हुए उठाई है।

ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की महाना उगाई के सामने प्रशासन भी इनके सामने बेबस नजर आ रहा है। शहर में यातायात के नियमों को दरकिनार कर सैंकड़ों अवैध वाहन बेखौफ दौड़ते देखे जा सकते हैं। नगर में अवैध रूप से सवारियां ढोने वाले वाहनों की संख्या सैंकड़ों में है तथा मुख्य बाजारों, मंडियों व चौराहों से रोजाना सवारियां बिठाते देखे जा सकते हैं। ठूंस-ठूंस कर भरते एक वाहन में दो वाहनों की सवारियां धुलिया साक्री में नियमों को ताक पर रखकर यह अवैध वाहन चालक अपने वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बिठाते हैं तथा वाहनों को सरपट दौड़ाते हैं जिससे हर समय दुर्घटनाएं होने का डर बना रहता है। इतना ही नहीं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में तेज गति से वाहनों को दौड़ाने से हादसों को निमंत्रण देते हैं।

यहां रहता है अधिक जमावड़ा टै्रफिक

पुलिस की कार्रवाई से बेपरवाह अवैध वाहन चालकों ने बारापत्थर, सावरकर मार्ग,बस स्टैंड, पिंपलनेर फाटा ,साक्री मेन बाजार,  इत्यादि स्थानों को अपने अड्डे बना लिए हैं। यहां से यह चालक  सरेआम सवारियां भरते हैं, लेकिन टै्रफिक पुलिस इन पर नकेल नहीं लगा पा रही है। आम जन व दुकानदार परेशान दुकानदार मनोहर लालपरदेशी , रत्न सिंह, , धर्मेंद्र पाटील, मनोज सेंदाने इत्यादि का कहना है कि अवैध वाहन चालक अधिक सवारियां बिठाने के चक्कर में अपने वाहनों को उनकी दुकानों के आगे खड़ा कर देते है तथा वाहनों को हटाने के लिए कहा जाता है  तो वह लड़ाई-झगड़े को तैयार हो जाते हैं।
पिछले दिनों शिरपुर पेट्रो केमिकल फैक्ट्री के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ट्रैफिक नियमो की धज्जिया उड़ाते और रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा पहुंचाते अवेद रूप से गुजरती काम्प्लेक्स के सामने बने रिकशा स्टॉप का नज़ारा तेज़ समाचार के कैमरे में कैद होने के बावजूद इस जगह पर अब भी निमयों की अनदेखी की जारही हे.क्या प्रशाशन की नींद किसी बड़ी घटना होने के बाद ही खुलती हे ऐसा कही प्रश्न नागिरकों हे.

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