Home पुणे पर्यावरण को लेकर लोग गंभीर, इको फ्रेंडली गणेश विसर्जन को जबरदस्त प्रतिसाद

पर्यावरण को लेकर लोग गंभीर, इको फ्रेंडली गणेश विसर्जन को जबरदस्त प्रतिसाद

46
0
SHARE

कृत्रिम हौदों में 15 हजार से ज्यादा गणेश मूर्तियों का विसर्जन

पिंपरी (तेज समाचार डेस्क). नदी प्रदूषण रोकने को लेकर लगातार की जा रही जागरूकता अब असर दिखाने लगी है.एस्पिरिफाय इन्वायरमेंट और आसवानी प्रमोटर्स एंड बिल्डर्स की पहल और उद्योगपति विजय आसवानी की संकल्पना से इको फ्रेंडली विसर्जन को इस साल लोगों से भारी प्रतिसाद मिला है.इस पहल के तहत पिंपरीगांव के वैभवनगर इलाके में तीन अलग- अलग कृत्रिम हौदों का निर्माण किया गया है, जिसमें 15 हजार से भी ज्यादा गणेशमूर्तियों का विसर्जन किया गया.इस उपक्रम का यह दूसरा साल है.

गतवर्ष साढ़े नौ हजार मूर्तियों का हुआ था विसर्जन
गत वर्ष यहां साढ़े नौ हजार से ज्यादा गणेशमूर्तियों का विसर्जन किया गया था.
इस उपक्रम का उदघाटन पिंपरी चिंचवड़ मनपा की भूतपूर्व नगरसेविका एवं जयहिंद हायस्कूल की रिटायर्ड प्रिंसिपल ज्योतिका मलकानी के हाथों किया गया था.निजी जमीन पर विसर्जन हौद बनाने का यह पिंपरी चिंचवड़ शहर में पहला मौका और इस उपक्रम का यह दूसरा साल है.अपने इस उपक्रम के बारे में जानकारी देते हुए उद्योगपति विजय आसवानी ने कहा कि, गत साल लोगों से मिली भारी तवज्जो को ध्यान में रखकर यह उपक्रम लगातार दूसरे साल चलाया जा रहा है.पिंपरीगांव के वैभवनगर में 10 से 18 फीट तक गहरे तीन कृत्रिम विसर्जन हौद बनाये गए थे.इन हौदों में ही गणेश मूर्ति का विसर्जन कर नदी प्रदूषण रोकने को लेकर जयहिंद हाईस्कूल के विद्यार्थी, रोट्रै्रे्क्ट क्लब के स्वयंसेवक लोगों के घर- घर पहुंचकर और लोगों व मंडलों के पदाधिकारियों से मिलकर जनजागृति करते रहे.

– भक्तों के लिए उपलब्ध कराई गई थी हर सुविधा
विसर्जन के दौरान यहां पर बिजली, पानी, स्वच्छता गृह आदि के साथ आरती के लिए यहाँ पर अलग-अलग सुविधा उपलब्ध कराई गई थी.सुरक्षा के लिहाज से निजी लाइफगार्ड नियुक्त किये गए हैं.मूर्ति विसर्जन के साथ ही यहां पर निर्माल्य कुंड और पानी का प्रबंध किया गया था.पिछले साल यहां साढ़े नौ हजार से ज्यादा गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया था.इन मूर्तियों के विघटन के बाद बची मिट्टी व मलबे से आकर्षक गमले तैयार किये गए, जिन्हें इस साल विसर्जन के आनेवाले गणेशभक्तों को भेंट दिया गया.इसके साथ लोगों द्वारा दान किये गए निर्माल्य को मोशी कचरा डिपो के केंचुआ खाद परियोजना में दिया जायेगा, यह भी विजय आसवानी ने बताया.इस उपक्रम के संयोजन में उद्योगपति राजू आसवानी, श्रीचंद आसवानी, अनिल आसवानी और उनकी टीम ने हिस्सा लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here