Home विविधा भारत की कुटनीतिक चाल और महाथिर के तेवर ढीले

भारत की कुटनीतिक चाल और महाथिर के तेवर ढीले

337
0
SHARE

मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर मुहम्मद के तेवर ढीले पडऩे लगे हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मलेशिया यात्रा के अंत में आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में महाथिर के मुंह से कश्मीर का ‘क’ तक नहीं निकला। जारी किए गए संयुक्त बयान में म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों और फिलीस्तीन के साथ कश्मीर का उल्लेख अवश्य था। महाथिर के रुख में बदलाव की वजह उनकी भारत विरोधी बयानबाजी के कारण मलेशिया में बढ़ी चिंता को बताया जा रहा है। महाथिर की जुबान के कारण दोनों देशों के संबंध खराब होने का खतरा बढ़ा है। मलेशिया में एक बड़ा वर्ग भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से नाराज है। मलेशियाई पाम आइल उत्पादक, रिफायनर्स और निर्यातक अधिक चिंतित हैं।

महाथिर की बयानबाजी से मलेशिया में बढ़ी नाराजगी का प्रमाण महाथिर के उत्तराधिकारी अनवर इब्राहिम की टिप्पणी से मिल जाता है। हाल ही में एक इंटरव्यू में इब्राहिम ने कहा, ”यदि आप चिंता व्यक्त करते हो तो कोई देश आपत्ति नहीं करता लेकिन महाथिर की भाषा काफी सख्त और तीखी रही है।” वह आगे कहते हैं, ”गौर करें कि महाथिर के लहजे में बदलाव आया है।” 94 वर्ष के महाथिर अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने पर अनेक मंचों पर भारत के विरूद्ध टिप्पणीं कर चुके हैं। भारत ने मलेशिया को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा था। जल्द ही महसूस हुआ कि महाथिर बयानबाजी से बाज नहीं आएंगे। इसके तीन कारण बताए गए। एक-मलेशिया के साथ पाकिस्तान के करीबी संबंध, दो-मुस्लिम जगत का नेता बनने की महाथिर की महत्वाकांक्षा और तीन-महाथिर का धार्मिक कट्टरपन। दिसम्बर 2019 में महाथिर ने एक बार फिर मर्यादा तोड़ी। उन्होंने नागरिकता(संशोधन)कानून की आलोचना की और इसे मुसलमानों के विरूद्ध बताया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने मलेशियाई दूतावास के प्रभारी को बुलाकर महाथिर की टिप्पणी पर पुन: अपनी आपत्ति दर्ज की लेकिन महाथिर ने रवैये नहीं बदला। जनवरी मध्य में प्रेस से बातचीत में वह बोल गए कि ”अपने शब्द वापस नहीं लेंगे और जो बात गलत लगेगी उस पर बोलते रहेंगे।”

इसके बाद ही भारत ने रिफाइंड पाम आइल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। अब केवल कच्चा पाम आइल और पामोलिन का आयात किया जा सकेगा। सरकार के इस फैसले से स्वदेशी रिफायनर्स को लाभ होगा। मलेशिया विश्व में दूसरा सबसे बड़ा पाम आइल उत्पादक देश है। खास बात यह है कि मलेशियाई रिफाइंड पाम आइल का भारत अब तक सबसे बड़ा आयातक रहा है। भारत में खपत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल भारत ने मलेशिया से 44 लाख टन रिफाइंड पाम आइल आयात किया था। इसके अलावा इंडोनेशिया, नेपाल और सिंगापुर से भी भारत पाम आइल आयात करता है। मलेशिया के विरूद्ध कार्रवाई से सबसे ज्यादा फायदा इंडोनेशिया को होगा। इंडोनेशिया कच्चे पाम आइल का सबसे बड़ा निर्यातक है। उसने भारत से चीनी और भैंस के मांस का आयात बढ़ाने प्र्रस्ताव रखा है।

आम मलेशियाइयों में चिंता इस बात की है कि भारत जैसा बड़ा बाजार खोकर महाथिर क्या हासिल कर लेंगे? क्या उदारता, प्राकृतिक सौंदर्य, तटीय पर्यटन और बहुजातीय पहचान के लिए प्रसिद्ध रहा मलेशिया कट्टरवाद की ओर बढ़ रहा है? भारत से फरार जाकिर नाइक जैसे विवादास्पद व्यक्ति को स्थाई निवासी का दर्जा दिए जाने से पहले ही मलेशिया धर्म-निरपेक्षता के पैमाने की लाल रेखा पर है। मलेशियाई फेडरेशन का धर्म इस्लाम अवश्य है लेकिन वहां का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता देता है। एक तरह से लगभग सवा तीन करोड़ आबादी वाला मलेशिया एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र ही है। वहां की आबादी में 61.3 प्रतिशत मुस्लिम, 19.8 प्रतिशत बौद्ध, 9.2 प्रतिशत ईसाई, 6.2 प्रतिशत हिंदू और शेष में अन्य हैं। इमरान खान के मलेशिया दौरे के समय एक बड़ा मजाक हुआ? मजाक स्वयं इमरान खान ने किया है। उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष का समर्थन करने के लिए महाथिर की प्रशंसा करते हुए आश्वासन दे दिया कि भारत द्वारा रिफाइंड पाम आइल आयात पर प्रतिबंध लगा दिए जाने से मलेशिया को होने वाले नुकसान की कुछ हद तक भरपाई करने का पूरा प्रयास करेंगे। उनके अनुसार पाकिस्तान मलेशिया से रिफाइंड पाम आइल का आयात बढ़ाएगा। यह एक तरह से फूहड़ मजाक ही हुआ। भारत की तुलना में पाकिस्तान में रिफाइंड पाम आइल की कितनी खपत है? सिर से पैर तक कर्ज में डूबे और विदेशी भीख को तरसते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के आश्वासन पर मलेशिया अपना सिर ठोंके तो आश्चर्य नहीं।

माना जा रहा है कि दो वर्ष पूर्व बनी सहमति के चलते 2020 में महाथिर पद छोड़ सकते हैं। अनवर इब्राहिम उम्र में महाथिर से लगभग 22 साल छोटे हैं लेकिन व्यावहारिकता में वह उनसे कहीं आगे हैं। यही कारण है कि वह भारत से संबंध अच्छे रखने पर जोर दे रहे हैं। महाथिर की भारत विरोधी बयानबाजी में लगाम लगवाने में उनकी प्रमुख भूमिका मानी जा रही है। भारत में एक बात अच्छी यह देखी जा रही है कि रिफाइंड पाम आइल के आयात पर प्रतिबंध लगा कर मलेशिया को कसने वाले कदम का स्वागत हुआ है। जैसे को तैसा वाली कार्रवाई करके भारत सरकार ने अपनी दृढ़ता ही प्रकट की है। उधर, भारत से खुन्नस निकालते-निकालते महाथिर ने मलेशिया में अपने आलोचक बढ़ा लिए।

अनिल बिहारी श्रीवास्तव

एल.वी.-08, इंडस गार्डन्स, बावडिय़ा कलां,

गुलमोहर के पास, भोपाल 462039

फोन: 0755 2422740, मोबाइल: 09425097084

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here