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कमलेश तिवारी हत्याकांड के 3 आरोपी सूरत से गिरफ्तार

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लखनऊ (तेज समाचार डेस्क). उत्तरप्रदेश पुलिस ने हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या का केस सुलझाने का दावा किया है. इस मामले में शनिवार को एटीएस ने कार्रवाई करते हुए सूरत के मौलाना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. इसके बाद यूपी के डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि कमलेश की हत्या के तार गुजरात से जुड़े हैं. गुजरात एटीएस ने आरोपियों को उत्तरप्रदेश पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. अब उन्हें लखनऊ लाकर पूछताछ करेंगे. हिंदू महासभा के नेता रहे कमलेश की शुक्रवार को हत्या हो गई थी.
– सीसीटीवी से मिला सुराग
ओपी सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से सुराग मिलने के बाद सूरत से मौलाना मोहसिन शेख (24), फैजान खान (21) और खुर्शीद अहमद पठान (23) को पकड़ा गया. मोहसिन ने हत्या की साजिश रची थी, जबकि फैजान ने सूरत की दुकान से मिठाई खरीदी थी. वह दुकान की सीसीटीवी फुटेज में नजर आया है. जांच में पता चला है कि कमलेश को मारने गए हमलावरों के हाथ में मिठाई के यही डिब्बे थे, जिनमें उन्होंने हथियार छिपा रखे थे.
– आतंकी संगठन की भूमिका नहीं!
डीपीजी के मुताबिक, अब तक की जांच में किसी आतंकी संगठन की भूमिका सामने नहीं आई है. कमलेश ने 2015 में पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जो उनकी हत्या का कारण बनी. हमले की जिम्मेदारी अल-हिंद ब्रिगेड संगठन ने ली है. जिसने कमलेश के बयान को इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने वाला बताया था. एटीएस के डीआईजी के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने गुनाह कबूल लिया है.
– कमलेश की हत्या के लिए डेढ़ करोड़ का इनाम
उधर, यूपी पुलिस ने बिजनौर से मोहम्मद मुफ्ती नईम काजी और इमाम मौलाना अनवरुल-हक को हिरासत में लिया है. कमलेश की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में दोनों नामजद आरोपी हैं. इसमें कहा गया है कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी के बाद काजी और मौलाना ने 2016 में कमलेश के सिर पर डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम रखा था.
– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे परिजन
लखनऊ के संभायुक्त मुकेश शर्मा ने कमलेश के परिजन से सीतापुर में मुलाकात की. उन्होंने कहा कि परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. उनके लिए सरकारी आवास देने की सिफारिश की है. जल्द ही परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेगा. वहीं, कमलेश के बेटे सत्यम ने कहा कि हम एनआईए से जांच कराना चाहते हैं. पिता के साथ सुरक्षा गार्ड थे, फिर भी वारदात हो गई. ऐसे में स्थानीय प्रशासन पर कैसे भरोसा करें.
– पहले गला काटा, फिर दागी गोलियां
लखनऊ में 18 अक्टूबर को हमलावरों ने कमलेश की हत्या कर दी थी. दोपहर में दो लोग उनसे मिलने पार्टी ऑफिस आए थे. पहले उन्होंने कमलेश का गला रेता, फिर मिठाई के डिब्बे से पिस्तौल निकालकर गोलियां मारीं. कमलेश हिंदू महासभा के भी नेता रहे थे. वारदात के बाद हिंदू समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया था.