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चालान में छूट के लिए महाराष्ट्र सरकार की गडकरी को चिट्ठी

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चालान में छूट के लिए महाराष्ट्र सरकार की गडकरी को चिट्ठी

मुंबई (तेज समाचार डेस्क): हाल ही अमल में आए नए मोटर व्हीकल एक्ट ने आम और खास हर किसी के होश उड़ाए हुए हैं। सडक़ हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से लागू किए गए इस एक्ट के तहत कोई भी ट्रैफिक नियम तोडऩे पर भारी भरकम जुर्माना वसूलने का प्रावधान है।
कुछ ही दिनों में कई लोग लंबी-चौड़ी राशि भुगत चुके हैं। ऐसी कई खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, आम आदमी पार्टी की दिल्ली और तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार तो इसका साफ तौर पर विरोध कर चुके हैं। हालांकि नरेंद्र मोदी सरकार की मुश्किलें यहीं कम नहीं हो रही है। भाजपा शासित गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र ने भी ‘बगावत’ कर दी है। महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा चुनाव होने है और माना जा रहा है कि जुर्माना राशि ज्यादा होने से मतदाता खफा होकर देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ वोट डाल सकते हैं। इसी कारण शायद महाराष्ट्र इस एक्ट को लेकर खुश नहीं है। राज्य परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने इस संबंध में केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखी है।
रावते ने बताया कि पत्र में नए यातायात नियमों में भारी जुर्माना लगाए जाने पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है। लोग इतना जुर्माना नहीं भर सकते। जब तक हमें जवाब नहीं मिलेगा, तब तक हम इंतजार करेंगे और नया जुर्माना लागू नहीं करेंगे। अपील की गई है कि सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में जरूरी बदलाव करे। पत्र में लिखा गया है कि विस्तृत चर्चा के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि आम जनता के लिए बहुत ज्यादा जुर्माना है। अगर किसी ने पहले ही ज्यादा जुर्माना दे दिया है, वह कोर्ट से कुछ राशि वापस पाने का अधिकारी हो सके।
नए ट्रैफिक नियमों पर अलग-अलग जगहों पर चर्चा की जा रही है। एक चीज साफ है कि पुराने नियमों के मुताबिक जुर्माने की राशि कम थी, इसलिए लोग ट्रैफिक नियमों को तोड़ते थे, लेकिन नया जुर्माना लोगों पर बहुत ज्यादा भारी पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि गडकरी ने कहा था कि नए नियम लोगों में कानून के प्रति डर और सम्मान पैदा करने के लिए लागू किए गए हैं। यह राजस्व बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने का प्रस्ताव है। सडक़ दुर्घटनाओं की वजह से हमारी जीडीपी में 2 प्रतिशत का नुकसान होता है।