Home पुणे भाजपा के मुरलीधर मोहोल बने पुणे के महापौर  

भाजपा के मुरलीधर मोहोल बने पुणे के महापौर  

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-शिवसेना ने साथ छोड़ा, दिया आघाड़ी का साथ

पुणे (तेज समाचार डेस्क). राज्य में सरकार बनाने को लेकर ऊहापोह अभी जारी है. भाजपा को दरकिनार कर शिवसेना आघाड़ी का साथ लेकर सरकार बनाना चाहती है. इसका असर अब छोटे-छोटे चुनावों में भी साफ दिखने लगा है. पुणे के महापौर के चुनाव में भी तस्वीर दिखाई पड़ी. महापौर के चुनाव में शिवसेना ने ऐन समय पर आघाड़ी का साथ दिया. लेकिन तीनों पार्टी मिलकर भी भाजपा को हरा नहीं सकी. भाजपा के मुरलीधर मोहोल को इस चुनाव में 97 वोट मिले व उन्होंने पुणे का महापौर पद हासिल किया. इसमें महाविकास आघाड़ी के प्रकाश कदम को हारना पड़ा. उन्हें सिर्फ 59 ही वोट मिले.

– उपमहापौर बनीं  सरस्वती शेडगे
पुणे के साथ ही राज्य के महापौर व उपमहापौर के ढाई साल की कालावधि 14 सितंबर को खत्म हो गई थी. लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते राज्य सरकार की ओर से महापौर व उपमहापौर के लिए तीन माह का अवधि बढ़ाकर दिया था. यह अवधि अब 21 नवंबर को खत्म हुआ है. पुणे मनपा के लिए महापौर पद का आरक्षण खुले गुट के लिए आरक्षित किया गया है. इसके अनुसार यह चुनाव शुक्रवार को लिया गया. भाजपा की ओर से इन दोनों पद के लिए उम्मीदवार देने के बाद कांग्रेस व एनसीपी आघाड़ी की ओर से भी इन पदों के लिए उम्मीदवार दिए गए थे. महापौर के लिए आघाड़ी की ओर से प्रकाश कदम का नामांकन दाखिल किया गया था. तो उपमहापौर पद के लिए चांदबी हाजी नादाफ का नामांकन दाखिल किया गया था. शुक्रवार को हुए इस चुनाव में ऐन समय पर शिवसेना ने भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस व एनसीपी का साथ दिया. दोनों भी पदों के लिए शिवसेना ने भाजपा का साथ छोड़ा. लेकिन ये तीनो पार्टियों बहुमत हासिल नहीं कर पाई. भाजपा के 99 नगरसेवक होने के कारण आघाड़ी को दोनो पर भी हारना पड़ा. इसके अनुसार महापौर पद पर मुरलीधर मोहोल तो उपमहापौर पद पर सरस्वती शेडगे ने बाजी मार ली.
– मुरलीधर मोहोल की जानकारी
महापौर बने मुरलीधर मोहोल ने आर्ट में डिग्री हासिल की है. मनपा शिक्षा मंडल के भी मोहोल अध्यक्ष रह चुके है. लगातार तीन बार नगरसेवक पद पर मोहोल चुनकर आए थे. उनकी पत्नी मोनिका मोहोल भी विगत बार नगरसेवक थी. मोहोल जारी टर्म में स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रह चुके है. साथ ही स्मार्ट सिटी, पीएमपी के संचालक भी रहे है. पीएमआरडीए के सदस्य के तौर पर भी उन्होंने काम किया है. पार्टी में संगठनात्मक काम करने को लेकर उन्हें जाना जाता है. इस वजह से पार्टी ने उन्हें राज्य का संगठन महासचिव बनाया था. साथ ही मोहोल के परिवार को कुश्ती की भी परंपरा है. खुद मोहोल भी पहलवान थे. उन्होंने विद्यापीठ स्तर साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कुश्ती में सहभाग लिया था.
– दूसरी महिला उपमहापौर बनने का सम्मान शेडगे को
इस बीच उपमहापौर पद पर चुनी गई सरस्वती शेडगे अब पुणे शहर की दूसरी उपमहापौर होगी. इससे पहले 1992-93 में कांग्रेस की नजमा महंमद खान पहली उपमहापौर बनी थी. उसके बाद पुणे मनपा के इतिहास करीब 27 साल बाद उपमहापौर बनने का सम्मान किसी महिला को मिला है.