Home पुणे अदालत पहुंचा ‘पानीपत’ विवाद

अदालत पहुंचा ‘पानीपत’ विवाद

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पुणे (तेज समाचार डेस्क). आगामी ‘पानीपत’ मूवी में मराठाओं के इतिहास का गलत चित्रण किया गया है. इसके चलते यह मूवी प्रदर्शित ना की जाएं, इसके लिए पुणे जिला न्यायालय में इस मूवी पर स्टे लगाने के लिए सरदार महादजी शिंदे के वंशज उत्तम शिंदे ने याचिका दायर की गई है, ऐसी जानकारी शिंदे के वकील एड. अश्विन मिसाल ने दी.
इतिहास को किया गया नजरंदाज
इस संदर्भ में जानकारी देने के लिए एड. मिसाल ने पत्रकार वार्तालाप का आयोजन किया. उन्होंने बताया कि, इस मूवी में मराठाओं के इतिहास को नजरअंदाज करने का प्रयास किया गया है. हालांकि, पानिपत के युद्ध में मराठाओं ने असीम बलिदान दिया था. इसलिए उनके इस बलिदान को उजागर करना जरुरी था, लेकिन मूवी में ऐसा नहीं किया गया है. इस मूवी में सदाशिवराव की गलत व्यक्तिरेखा बताई गई है. इसलिए अब मूवी के निर्माता और निर्देशक, कलाकार और लेखक  को नोटीस दिया गया है. इस याचिका पर 2 दिसम्बर को पुणे कोर्ट में सुनवाई होगी.
नहीं दिखाया गया मराठाओं का शौर्य
शिंदे के दूसरे वकील एड. वाजिद खान बीडकर ने बताया कि, इस मुद्दे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के बंधू इंद्रजित शिंदे (ग्वालियर) और मस्तानी के आठवे वंशज नवाब शादाब अली बादूर (भोपाल) और देश भर के सरदार घरानों का समर्थन प्राप्त हुआ है. इसमें मराठाओं का शौर्य नहीं दिखाया गया, तो हम इस मूवी को प्रदर्शित नहीं होने देंगे.
– इतिहास को ढकने का प्रयास
उन्होंने बताया कि, दत्ताजी शिंदे, महादजी शिंदे, मल्हारराव होलकर के बगैर पानिपत का इतिहास बन ही नहीं सकता. पानिपत के युद्ध का कोई एक नायक नहीं है. बल्कि दत्ताची शिंदे के साथ-साथ जनकोजी शिंदे, मल्हारराव होलकर, महादजी शिंदे, विश्वासराव पेशवा, इब्राहिम खान गारदी समेत कुल 48 से अधिक शूरवीर सरदार घरानों और पूरे महाराष्ट्र का समाज जुड़ा हुआ है. किसी खास समूह को उच्च बताने के चक्कर में मूवी में मराठाओं के इतिहास को ढकने का प्रयास किया गया है, जोकि किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.