Home पुणे पुणे रेल मंडल ने की 9.20 करोड़ की वसूली

पुणे रेल मंडल ने की 9.20 करोड़ की वसूली

105
0
SHARE
पुणे (तेज समाचार डेस्क). पुणे मंडल के पुणे-मलवली, पुणे-बारामती, पुणे-मिरज तथा मिरज–कोल्हापुर सेक्शन में व्यापक टिकट जांच अभियान चलाए जा रहे हैं. इस वर्ष अप्रैल से सितम्बर तक इन 6 महीनों में टिकट जांच के दौरान कुल 1 लाख 78 हजार 650 मामलों में 9 करोड 20 लाख रुपये की राशि जुर्माने के तौर पर वसूल की गयी है.
– 82 हजार लोग बेटिकट पकड़े गए
82 हजार लोग बिना टिकट यात्रा करते पाए गए हैं, जिनसे 4 करोड 63 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया. विगत वर्ष की इसी अवधि में 1 लाख 63 हजार 594 मामलो में 7 करोड 79 लाख रुपये की राशी जुर्माने के तौर पर वसूल की गयी थी जबकि 74 हजार से ज्यादा लोगों को बिना टिकट यात्रा करते पकडा गया था जिनसे 4 करोड रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए थे.
– जांच के बावजूद बेटिकट यात्रियों की संख्या में वृद्धि
पुणे रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज झंवर ने बताया कि रेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार की टिकट जांच नियमित तौर पर चलाई जा रही है. इससे यह प्रतीत होता हैं कि बिना टिकट यात्रियों की संख्या लगातार बढती जा रही है जो समाज के साथ साथ रेल प्रशासन के लिए भी चिंता की बात है. रेल प्रशासन बिना टिकट चलनेवालों की धरपकड़ करके उनका विवरण इकठ्ठा करेगा जिसमें उनका नाम, फोटो, पता, मोबाइल नंबर, आदि जानकारी रिकॉर्ड में रखेगा और उसे मीडिया के जरिए सार्वजनिक करने का विचार किया जायेगा, जिससे निश्चित ही समाज में सही सन्देश पहुंचेगा और बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगाम लग सकेगी. रेलवे ने यात्रियों को आसानी से टिकट प्राप्त हो सके इसके लिए पर्याप्त संख्या में टिकट खिड़कियां /आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, तथा मोबाइल एप के जरिए भी टिकट प्राप्ति की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे यात्रा के दौरान उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें अन्यथा उन्हें रेल अधिनियम के तहत जुर्माना देना होगा तथा न भरने की स्थिति में जेल की सजा भी हो सकती है.
– इनके नेतृत्व में की गई कार्रवाई
झंवर ने बताया कि उक्त कार्रवाई मंडल रेल प्रबंधक मिलिन्द देऊस्कर तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक प्रफुल्ल चंद्रा, सहर्ष बाजपेयी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील मिश्रा, मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुरेशचंद्र जैन, सहायक वाणिज्य प्रबंधक एस. वी. एन. सुभाष के नेतृत्व में टिकट जांच निरीक्षकों तथा रेल सुरक्षा बल के सहयोग से की गयी.