Home धर्म आध्यात्म तोड़-फोड़ आंदोलन से दूर रहे युवा : संत बाबा उमाकांत महाराज

तोड़-फोड़ आंदोलन से दूर रहे युवा : संत बाबा उमाकांत महाराज

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मथुरा के परमसंत बाबा जयगुरुदेव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत महाराज ने देश के युवाओं से अपील की है कि, युवाओं को देश के भाविष्य के रूप में देखा जाता है. ऐसे में यदि देश के युवा ही अपनी बात को मनवाने के लिए तोड़-फोड़ आंदोलन, धरना, हड़ताल करेंगे, तो इससे देश की संपत्ति का नुकासान होगा, देश का नुकसान होगा. देश आगे जाने की बजाय और पिछड़ेगा. यह स्थिति न जो उनके लिए अच्छी होगी, जो लोग तोड़-फोड़ आंदोलन करते हैं और न ही देश के विकास के लिए अच्छी होगी. चंद लोग अपने स्वार्थ के लिए हमारे देश के होनहार युवाओं को बहका कर देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, ऐसे लोगों की मंशा को समझना होगा और इनके बहकावे में आने से बचना होगा. तोड़-फोड़ आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं है. देश भक्त बनो, सभी से प्रेम करो और किसी के भी धर्म, मजहब, गुरु, पीर, पैगम्बर की निन्दा मत करो. नशे से दूर रहो, नहीं तो नशा विनाश का कारण बन जाएगा.
– शाकाहार अपनाने की अपील
देश के हालातों और दिन-ब-दिन आ रही नितनई बीमारियों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए संत उमाकांत महाराज ने एक प्रेस विज्ञप्ति देश की जनता के नाम जारी की है. इस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि बाबा जयगुरुदेव सदैव ही देश-विदेश की जनता को यह संदेश देते रहे हैं, कि संपूर्ण मानवजाति को शाकाहारी होना होगा, अन्यथा ऐसी-ऐसी बीमारियां आएंगी, जिसका डॉक्टरों के पास इलाज नहीं होगा और ये बीमारियां मनुष्य के जीवन के लिए संकट बन जाएंगी. आज देश के विकासशील और संपूर्ण रूप से आत्मनिर्भर देश चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस ने आतंक मचा रखा है. यह घटना बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणी को चरितार्थ करती है. चीन जैसा शक्तिशाली आत्मनिर्भर देश भी आज कोरोना वायरस से निपटने में स्वयं को असमर्थ पा रहा है. इसलिए संत उमाकांत महाराज ने देश के लोगों से अपील की है कि संकल्प ले कर आज से ही सभी लोग पूरी तरह से शाकाहारी हो जाओ और गंभीर बीमारियों से बचो.
– जयगुरुदेव नाम से होगी जीवों की रक्षा
संत उमाकांत महाराज ने बताया कि आज के इस युग में जयगुरुदेव नाम जागृत परमात्मा का नाम है. संपूर्ण मानव जाति की इस नाम से रक्षा होगी. जिनता अधिक इस नाम का स्मरण किया जाएगा, उतना ही मुसीबत, बीमारियों से बचा जा सकता है. इसलिए देशवासियों से अपील है कि संपूर्ण रूप से शाकाहार को अपना कर जयगुरुदेव नाम का स्मरण करे और मुसीबतों और बीमारियों से बचे.
– सात्विक लोगों की सेवा स्वीकार करें
बाबा जी ने बुद्धिजीवियों के बीच अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंदिर निर्माण में तन-मन-धन की सेवा शाकाहारी, नशामुक्त एवं सदाचारी लोगों की ही लगे ताकि भगवान राम के आदर्श पर लोग चल सके और उनकी शक्ति का अनुभव कर सके.
उन्होंने मस्जिद निर्माण को लेकर भी यही बात कही कि इसके निर्माण में भी नेक दिल, खुदा परस्त, हक और हलाल की कमाई करने वाले शाकाहारी एवं नशामुक्त लोगों के तन-मन-धन के सहयोग से ही बने ताकि वहां पर की गयी इबादत कुबूल हो सके और सभी तरह की बरकत का खजाना खोल दें.
– औषधीय खेती को बढ़ावा दें किसान
बाबा जी ने बताया कि किसान जड़ी-बूटी दवाईयों की खेती को बढ़ावा दें जैसे कि आंवला, हर्र, बहेड़ा, सोंठ, काली मिर्च, पिपरी, लहसुन, नीबू, अजवाइन, मेथी, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, नागरमोथा, एलोवेरा आदि के साथ ही अपने घरों में, गमलों में तुलसी,नीम को लगायें क्योंकि आने वाली बीमारियों में इनकी भारी मात्रा में लोगों को जरूरत पड़ेगी. इसी के साथ ही सभी लोग अपने तौर तरीके से ही सही लेकिन सुबह-शाम पूजा, इबादत जरूर करें और अपने बीबी, बच्चों को भी कराएं.